ईश्वर की सबसे बड़ी कृपा क्या है? 99% लोग नहीं जानते

हम इंसानों को बचपन से ही यह सिखाया जाता है कि ईश्वर के सामने हाथ जोड़ो और मांगो, और क्या मांगो — अपने लिए कुछ मांगो, सुख, समृद्धि, धन, गाड़ी, घर, संतान आदि। सदियों से यही परंपरा चली आ रही…

हम इंसानों को बचपन से ही यह सिखाया जाता है कि ईश्वर के सामने हाथ जोड़ो और मांगो, और क्या मांगो — अपने लिए कुछ मांगो, सुख, समृद्धि, धन, गाड़ी, घर, संतान आदि। सदियों से यही परंपरा चली आ रही…

परम तृप्ति वह अवस्था है जिसमें मन पूरी तरह शांत, संतुष्ट और पूर्ण हो जाता है। इस अवस्था में व्यक्ति को किसी बाहरी वस्तु, व्यक्ति या परिस्थिति से खुशी लेने की आवश्यकता नहीं रहती, क्योंकि उसे अपने भीतर ही गहरी…

इस दुनिया में इंसान ने हर चीज़ को अपनी-अपनी भाषा के अनुसार अलग-अलग नाम दिए हैं। एक ही वस्तु को हम हिंदी में “गाड़ी” कहते हैं, अंग्रेज़ी में “car”, जापानी में “kuruma”, स्पेनिश में “auto” या “coche”, और दुनिया की…

आज का इंसान खुद को जितना ज़्यादा धार्मिक साबित करता जा रहा है, उतना ही भीतर से अशांत होता जा रहा है। चारों तरफ धर्म की बातें हैं, लेकिन मन में शांति नहीं है। इसका कारण धर्म नहीं है, बल्कि…

अपनी भावनाओं को गले का पट्टा मत बनने दो, नहीं तो दूसरे लोग उस पट्टे को पकड़ कर तुम्हें अपना पालतू बना लेंगे। यह बात कठोर लग सकती है, लेकिन सच यही है। इंसान को सबसे आसानी से उसकी भावनाओं…

वह न एक है, न अनेक, न गिनती में आने वाला और न ही किसी माप में समाने वाला। क्योंकि “एक” भी संख्या है और “अनेक” भी संख्या, और जो संख्या में आ जाए वह सीमित हो जाता है। लेकिन…

मनुष्य के जीवन में आस्था एक अत्यंत शक्तिशाली शक्ति है। यह वह भाव है जो मनुष्य को टूटने से बचाता है, उसे सहारा देता है और कठिन समय में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। लेकिन यही आस्था जब भ्रम…

हमारा ब्रह्मांड अनगिनत रहस्यों से भरा हुआ है, और इन्हीं रहस्यों में सबसे गहरा रहस्य ईश्वर का है। मनुष्य हजारों वर्षों से ईश्वर को समझने की कोशिश करता रहा है, परंतु आज भी ईश्वर की वास्तविकता विज्ञान, दर्शन और अध्यात्म—तीनों…
आध्यात्मिक जगत में अक्सर साधु-संत और ज्ञानी पुरुष यह कहते हैं कि “मैं आत्मा हूँ, यह शरीर नहीं”—लेकिन क्या केवल इस बात को मान लेना ही पर्याप्त है? क्या केवल शब्दों को दोहराने से मनुष्य आत्मज्ञान प्राप्त कर सकता है?…