इंसान ध्यान की जितनी गहराई में जाता है अपने जीवन को भी उतनी ही गहराई से समझने लगता है?

आज का इंसान बाहर की दुनिया को समझने में इतना व्यस्त हो गया है कि उसने अपने ही भीतर झाँकना लगभग बंद कर दिया है। हम दिनभर जानकारी इकट्ठा करते हैं, लोगों से मिलते हैं, काम करते हैं और सोशल…


