ईश्वर की सबसे बड़ी कृपा क्या है? 99% लोग नहीं जानते
हम इंसानों को बचपन से ही यह सिखाया जाता है कि ईश्वर के सामने हाथ जोड़ो और मांगो, और क्या मांगो — अपने लिए कुछ मांगो, सुख, समृद्धि, धन, गाड़ी, घर, संतान आदि। सदियों से यही परंपरा चली आ रही है, ईश्वर से मांगने की। धीरे-धीरे यह हमारी आदत बन गई कि हर कमी, हर
भविष्य की चिंता वर्तमान का आनंद छीन लेती है?
कभी तुमने ध्यान दिया है कि जब भी हम खुश होने वाले होते हैं, तभी अचानक दिमाग में भविष्य की चिंता आ जाती है। मन कहता है कि कल क्या होगा, काम बनेगा या बिगड़ेगा, पैसे आएंगे या नहीं, लोग क्या कहेंगे। और बस यहीं से हमारा आज का सुकून धीरे-धीरे खत्म होने लगता है।
तनाव दूर करने के 3 सबसे आसान उपाय (छूमंतर हो जाएगा स्ट्रेस)
आज के समय में शायद ही कोई ऐसा इंसान होगा जो पूरी तरह से तनाव से मुक्त हो। हर किसी के जीवन में कोई ना कोई चिंता जरूर है — किसी को पैसों की टेंशन है, किसी को परिवार की जिम्मेदारियों की, तो किसी को अपने भविष्य की चिंता है। ये छोटी-छोटी चिंताएं धीरे-धीरे हमारे
विज्ञान पुनर्जन्म को क्यों नहीं मानता?
पूरी दुनिया में पुनर्जन्म के बहुत सारे केस सामने आए हैं और भारत में तो ऐसे मामलों की संख्या काफी अधिक देखने को मिलती है। कई छोटे बच्चे अपने पिछले जन्म की बातें बताते हैं—वे बताते हैं कि वे पहले कौन थे, कहाँ रहते थे, कैसे मरे आदि। इनमें से कुछ प्रसिद्ध केस भी हैं
परम तृप्ति क्या है? जानिए वो अवस्था जहाँ मन कुछ नहीं चाहता
परम तृप्ति वह अवस्था है जिसमें मन पूरी तरह शांत, संतुष्ट और पूर्ण हो जाता है। इस अवस्था में व्यक्ति को किसी बाहरी वस्तु, व्यक्ति या परिस्थिति से खुशी लेने की आवश्यकता नहीं रहती, क्योंकि उसे अपने भीतर ही गहरी शांति और आनंद का अनुभव होने लगता है। साधारण खुशी हमेशा किसी कारण पर आधारित





